बेटियां...


दुआ करते हैं बेटे की और ,

हो जाती हैं बेटियां,
बड़ी जीवट होती हैं ये,
यूं ही पल जाती हैं बेटियां|

चौका बर्तन करती,घर में,

पढ़ लिख जाती है बेटियां,
सु ख सुविधाएँ बेटों को ,
पर आगे निकल जाती हैं बेटियां |

जन्मदायिनी हैं फिर भी,
मारी जाती हैं बेटियां ,
कभी लालच कभी वासना की,

बलि चढ़ जाती हैं बेटियां |

रुलाते हैं जब बेटे ,,
आंसू पोछती हैं बेटियां,
नफरत पाकर भी,
सिर्फ प्यार लुटाती हैं बेटियां|

कडककड़ाती ठण्ड में,
सुहानी धूप होती हैं बेटियां ,
मानो या न मानो ,
भगवान् का वरदान होती है बेटियां ...

                                                                                   mamta

Comments

  1. नमस्कार आपकी यह रचना कल मंगलवार (24--09-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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    1. धन्यवाद अरुण जी ....

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  2. Replies
    1. धन्यवाद कौशल जी...

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  3. Replies
    1. धन्यवाद कालिपद जी

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  4. आज की बेटियां जीवन के हर सोपान पर श्रेष्ठता का परचम लहरा रही है . इस अनुपम पोस्ट के लिए बधाई.....!!!

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  5. सुन्दर व् सार्थक प्रस्तुति. कमाल का शब्द सँयोजन
    कभी यहाँ भी पधारें और लेखन भाने पर अनुसरण अथवा टिपण्णी के रूप में स्नेह प्रकट करने की कृपा करें |
    http://saxenamadanmohan.blogspot.in/
    http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/

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    Replies
    1. धन्यवाद मदन मोहन जी ...जरूर पधारुंगी

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  6. मानो या न मानो ,
    भगवान् का वरदान होती है बेटियां ...

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  7. This comment has been removed by the author.

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