जिंदगी और मौत ...मेरा नजरिया...

जिंदगी तो शोर है ,कोलाहल है

मौत तू चिर शांति है ..


जिंदगी दौड़ भाग है ,

मौत तू तो विश्रांति है...


जिंदगी उफनता हुआ सागर है...


मौत तू शांत सरिता है'


जिंदगी कठोर पाषाण सी है ..


मौत तू मां की गोद सी है ....



जिंदगी मे तो झूठ भी है फरेब भी,

 मौत तू तो एक सच्चाई है.....

                           
जिंदगी एक उबाऊ कहानी है ,

मौत तू सुन्दर क़विता है ....




                                                             mamta        ...                      




















                                                                                 Before life is death 

Comments

  1. बहुत ही बढ़िया।

    आपका ब्लॉग अच्छा लगा।


    सादर

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  2. एक निवेदन
    कृपया निम्नानुसार कमेंट बॉक्स मे से वर्ड वैरिफिकेशन को हटा लें।
    इससे आपके पाठकों को कमेन्ट देते समय असुविधा नहीं होगी।
    Login-Dashboard-settings-posts and comments-show word verification (NO)

    अधिक जानकारी के लिए कृपया निम्न वीडियो देखें-
    http://www.youtube.com/watch?v=VPb9XTuompc

    धन्यवाद!

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    Replies
    1. धन्यवाद यशवंत जी आपकी दी गयी जानकारी से मैंने वर्ड वेरिफिकेशन को हटा दिया है...

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  3. ज़िंदगी और मौत की बहुत सुंदर तुलना की है ;
    ज़िंदगी को भगवान ने बहुत सुंदर बनाया है ,
    लेकिन हमारी आकांक्षाओं ने उस को ऐसे
    रूप दे दिए है !! बहुत सुंदर रचना,ममता!!
    पढ़ कर खुशी हुई बहुत;शुकरिया !!!

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  4. हमें मौत को याद रखना चाहिए ..
    अनूठी रचना !

    PS: pl remove word verification ...

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    Replies
    1. This comment has been removed by the author.

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    2. धन्यवाद सतीश जी ....

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  5. बहुत सारगर्भित

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  6. Aakhri sach Maut hi ha..sach me..

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  7. great compositions and very inspiring...

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