इंतज़ार...


धीरे धीरे जिंदगी के सभी रंग फीके हो गए ,
पर यादों के रंग आज भी सजीव हैं  ,
वो रंग  जो भरपूर जिए थे तुम्हारे साथ,
सब सहेज कर रखे हैं मैंने ,
 लाल रंग 
तुमने कहा था हमारे दिल का प्रतीक है,
ये फीका न पड़े ,
उससे मैंने आज तक अपनी यादों की  मांग सजा रखी है ..
सुनहरा रंग ,
तुमने कहा था साथ धड़कती हमारी धडकनों का है ,
उसे मैंने आज तक सहेजा है
अपनी याद का बिछौना बना कर..
नीला रंग 
आकाश की तरह असीमित हमारे प्रेम का,
आँखों में सहेजा है मैंने
अश्रु बना कर..
और हरा रंग
तुमने कहा था निशानी है हमारी हरी भरी मोहब्बत की ,
उससे मैंने  आज तक यादों की,
 मखमली घास बिछा रखी है ..
की तुम कभी तो आओगे लौट कर ,
ये रंग करेंगे तुम्हारा स्वागत,
और फिर हो उठेंगे जीवंत..
                                                          mamta



Comments

  1. Jeevan ke ye sabhi rang yun hi khilte rahen ... Prateeksha poori ho ...

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  2. बगिया में हर रंग के पुष्प मुस्कुरायें ........बहुत सुन्दर .....

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  3. वाह वाह वाह जितनी भी सराहना की जाए कम है जितना सुन्दर चित्र आपने बनाया है उतनी ही सुन्दर रचना भी है, चित्र को बहुत ही सुन्दरता से परिभाषित किया है आपने, एक एक रंग का वर्णन अत्यंत सहजता और सरलता से कर दिया. अत्यंत सुन्दर मनोहारी रचना एवं चित्र हृदयतल से ढेरों बधाइयाँ स्वीकारें.

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    1. बहुत बहुत बहुत धन्यवाद अरुण जी ..आपके कमेंट्स उत्साह वर्धक हैं ..:

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  4. नमस्कार आपकी यह रचना कल मंगलवार (08-10-2013) को ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  5. सुन्दर ,सरल और प्रभाबशाली रचना। बधाई।
    कभी यहाँ भी पधारें।
    सादर मदन

    http://saxenamadanmohan1969.blogspot.in/
    http://saxenamadanmohan.blogspot.in/

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    1. This comment has been removed by the author.

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    2. धन्यवाद मदन मोहन जी...

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  6. जीवन के हर पहलु के रंग को उभारती सुन्दर रचना |
    latest post: कुछ एह्सासें !

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    1. धन्यवाद कालिप्रद जी...

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  7. ये सारे रंग खिलकर जीवन में निखार लायें..
    कोमल भाव से लिखी हृदयस्पर्शी रचना...
    अति सुन्दर :-)

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    1. धन्यवाद Reena जी ...

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  8. प्यार भरे अहसास कभी भूले नहीं भूलता कोई ..
    प्यार के सहेजे पलों का सुन्दर चित्रण ...

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    1. आभार कविता जी ...:)

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  9. bahut sundar rachna , chitr bhi kuchh kam nahin

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  10. बहुत उम्दा, कमाल की कविता लिख दी है दी, वाकई लाजवाब :)

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