होली आती याद दिलाती वो बचपन वाली होली , वो गुब्बारों की होली....

Whenever holi comes it take me down to memory lane, way back when I was kid. Most of the best holi I ever had in my childhood and all those holi I celebrated in my native place Nainital (Uttaranchal). It has many beautiful aspects....
Though I remember those balloons filled with colored water, hitting those balloons to each other or persons visiting in neighborhood and the colored water we splashed on each other,but It was unique because the Kumauni Holi has a very rich collections of songs.....
They use classical instruments with classical Ragas. Kumauni Holi lies in being a musical affair, whether it's the Baithki Holi, the Khari Holi or the Mahila Holi. Every night for one week before holi, you can hear the villagers, sitting next to the fire and singing special holi songs in the local Kumaoni language .
The ladies part of Kumauni Holi is called Mahila Holi ...they enjoy it a lot with Dholak ...... Gujhiya,Aloo and Chatani is the famous dish during Holi Sangeet .....

In my childhood days we used to sing a lot of Holi songs.I am writing some of them here ......

HOLI  BAITHAK STARTS WITH THE SONGS OF SHIV , RAM-SITA AND RADHA-KRARSHNA ....

Read it in rhyme and then you will enjoy.....Enjoy the song ..

शिव के मन माहि बसे काशी -२
आधी काशी में बामन बनिया,
आधी काशी में सन्यासी, शिव के मन
काही करन को बामन बनिया,
काही करन को सन्यासी, शिव के मन…
पूजा करन को बामन बनिया,
सेवा करन को सन्यासी, शिव के मन…

काही को पूजे बामन बनिया,
काही को पूजे सन्यासी, शिव के मन…
देवी को पूजे बामन बनिया,
शिव को पूजे सन्यासी, शिव के मन…
क्या इच्छा पूजे बामन बनिया,
क्या इच्छा पूजे सन्यासी, शिव के मन…
नव सिद्धि पूजे बामन बनिया,
अष्ट सिद्धि पूजे सन्यासी, शिव के मन…

one more song of Mahila holi ......

जल कैसे भरूं जमुना गहरी -२
ठाड‌ी भरूं राजा राम जी देखें
बैठी भरूं भीजे चुनरी
जल कैसे…
धीरे चलूं घर सास बुरी है
धमकि चलूं छलके गगरी
जल कैसे…
गोदी में बालक सिर पर गागर
परवत से उतरी गोरी
जल कैसे…


According to the local customs, one week before holi, the famous Kumaoni 'Khari holi' starts with people in traditional white churidaar payjaama and kurta ,finally standing up to dance to the mesmerizing tunes of the holi singers called holiyars.

Main song sung by people in khari holi is..... 

हाँ हाँ हाँ मोहन गिरधारी
हो-हो-हो मोहन गिरधारी,

ओ ऐसो अनाड़ी चुनर गयो फाडी,

हंसी-हंसी दे गयो गारी

  मोहन गिरधारी,

One song I remember which the people used to sing is.... 

रंग में होली कैसे खेलूं री मैं सांवरियाँ के संग….
अबीर उडता गुलाल उडता, उडते सातों रंग
भर पिचकारी सनमुख मारी, अंखियाँ हो गयी बंद…
तबला बाजे, सारंगी बाजे, और बाजे मृदंग
कान्हा जी की बांसुरी बाजे, राधा जी के संग…
रंग में होली कैसे खेलूं री मैं सांवरियाँ के संग….

one more interesting song

जोगी आयो शहर में व्योपारी -२
अहा, इस व्योपारी को भूख बहुत है,
पुरिया पकै दे नथ-वाली,
जोगी आयो शहर में व्योपारी।
अहा, इस व्योपारी को प्यास बहुत है,
पनिया-पिला दे नथ वाली,
जोगी आयो शहर में व्योपारी।
अहा, इस व्योपारी को नींद बहुत है,
पलंग बिछाये नथ वाली
जोगी आयो शहर में व्योपारी -२

I'll never forget that musical and colorful holi of my childhood......

Holi reveals the wackiest best of the people. For a day people just forget themselves and simply have fun,all responsibilities are owed to the spirit of the festival. Holi is also one of the occasion because of which the people used to meet and colour whom they like or love.........
And, if anybody stares or give strange expressions, the answer is ready too. "Bura na mano Holi hai", is the refrain that is on everybody's lips.

....अपने  रंग  में  रंग  दो  उनको ,
............ चेहरा  जिनका  भाता  तुमको , 
......गुलाल  तो  १  बहाना  है , 
...........उनके  करीब  जाने  का ,
.....हम  तो  कब  के  रंग  चुके ,
............ जबसे  उनके  नयन  झुके , 
.....रंग ,गुलाब  और प्रीत  की  होली ,
......     ख़ुशी ,मौज  और  इकरार  की  होली , 
......आज  सजी  रंगोली  है , 
...........रंगों  में  सिमटी  होली  है , 
.....ख़ुशी  में  डूबी  होली  है ,
.............. बुरा  न मानो होली  है .

So FRIENDS bury their hatchets with a warm embrace and throw their worries to the wind in the 
form of gulal .....


Comments

  1. बहुत सुन्दर ब्लॉग. उत्तराखण्ड की होली, कवितायें और कला कृति का बहुत अद्भुत संगम... हार्दिक बधाई आपको ममता जी..

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  2. धन्यवाद दिनेश जी ...

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